विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान स्थिति के कारण बहुत से ख़तरे पैदा हो गए हैं। जिनमें सरकारी क़र्ज़े की मात्रा में भारी वृद्धि और बड़ी कंपनियों के क़र्ज़े में भारी बढ़ोत्तरी है। इसके अलावा इनफ़्लेशन भी बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है।
आईएमएफ़ का कहना है कि कोविड-19 की बीमारी अमरीकी अर्थ व्यवस्था के लिए बहुत गंभीर स्थिति पैदा कर चुकी है इसलिए अमरीकी प्रशासन को चाहिए कि इस बीमारी की तत्काल रोकथाम के लिए भी प्रभावी क़दम उठाए और इसके कारण पैदा होने वाले अनेक संकटों को भी कंट्रोल करे।
आईएमएफ़ का कहना है कि अमरीका की जीडीपी में जारी वर्ष की दूसरी तिमाही में लाकडाउन जैसे उपायों के कारण 37 प्रतिशत की गिरावट आ गई और देखने में आ रहा है कि बीमारी के कारण अमरीकी व्यवस्था को झटके पर झटके लग रहे हैं। संस्था के विशेषज्ञों का कहना है कि हालात को सामान्य करने में बहुत समय लग जाएगा।
यदि संकट के विनाशकारी प्रभावों से अर्थ व्यवस्था को बचाना है तो आर्थिक प्रोत्साहन के कार्यक्रम बनाने पड़ेंगे और इंफ़्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालीन निवेश की सख्त ज़रूरत होगी।
वर्ष 2021 में अमरीकी अर्थ व्यवस्था के लिए 3.9 प्रतिशत की विकास दर का अनुमान लगाया जा रहा है लेकिन इस समय पहुंच रहे नुक़सान की भरपाई के लिए वह पर्याप्त नहीं होगा और दूसरी बात यह है कि अगले साल के बारे में जो भविष्यवाणी की गई थी वह शायद पूरी न हो।